बुजुर्गों में गिरने का खतरा
उम्र बढ़ने के साथ हड्डियां कमज़ोर हो जाती हैं और शरीर का संतुलन बिगड़ने लगता है। ऐसे में थोड़ी सी ठेस लगने पर भी बुजुर्ग गिर जाते हैं, जिससे हिप (कूल्हे) का फ्रैक्चर या रीढ़ की हड्डी में चोट आना आम है। सर्जरी के बाद बेडरेस्ट ज़रूरी होता है, लेकिन लंबा बेडरेस्ट उन्हें और कमज़ोर कर देता है।
फिजियोथेरेपी कैसे मदद करती है?
लंबे समय तक बिस्तर पर रहने से मांसपेशियां (muscles) सिकुड़ने लगती हैं। एक एक्सपर्ट फिजियोथेरेपिस्ट घर आकर धीरे-धीरे एक्सरसाइज़ करवाता है:
- जोड़ों की गति (Joint Mobility): जोड़ों को जाम होने से बचाना।
- मांसपेशियों की मजबूती (Muscle Strengthening): ताकत वापस लाने के लिए हल्की एक्सरसाइज़।
- गैट ट्रेनिंग (Gait Training): दोबारा सही तरीके और संतुलन के साथ चलना सिखाना।
मेरठ होम केयर के योग्य (qualified) फिजियोथेरेपिस्ट आपके बुजुर्गों को दर्द-मुक्त (pain-free) तरीके से रिकवरी में मदद करते हैं, ताकि वे अपना आत्मविश्वास वापस पा सकें।